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पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ की पथरी कà¥à¤¯à¤¾ होता है
पाचन के लिठआवशà¥à¤¯à¤• à¤à¤‚जाइम को सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रखने वाले महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ अंग यानी पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ (pittashay)से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ सबसे पà¥à¤°à¤®à¥à¤– समसà¥à¤¯à¤¾ यह कि इसमें सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ बनने की आशंका बहà¥à¤¤ अधिक होती है, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ गॉलसà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ कहा जाता है। दरअसल जब गॉलबà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° में तरल पदारà¥à¤¥ की मातà¥à¤°à¤¾ सूखने लगती है तो उसमें मौजूद चीनी-नमक और अनà¥à¤¯ माइकà¥à¤°à¥‹à¤¨à¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿ ततà¥à¤µ à¤à¤• साथ जमा होकर छोटे-छोटे पतà¥à¤¥à¤° के टà¥à¤•ड़ों जैसा रूप धारण कर लेते हैं, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ गॉलसà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨à¥à¤¸ कहा जाता है।
कà¤à¥€-कà¤à¥€ पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ में कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤², बिलीरà¥à¤¬à¤¿à¤¨ और पितà¥à¤¤ लवणों का जमाव हो जाता है। 80 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ पथरी कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤² की बनी होती (गॉल बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨) है। धीरे-धीरे वे कठोर हो जाती हैं तथा पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ (pittashay)के अंदर पतà¥à¤¥à¤° का रूप ले लेती है। कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ पीले-हरे रंग के होते हैं।
जब बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° में बà¥à¤²à¥ˆà¤• या बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ कलर के सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨à¥à¤¸ नजर आते हैं तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पिगमेंट सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨à¥à¤¸ कहा जाता है। कई बार गॉल बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° में अनकॉनà¥à¤œà¥à¤—ेटेड बिलिरà¥à¤¬à¤¿à¤¨ नामक ततà¥à¤µ का संगà¥à¤°à¤¹ होने लगता है तो इससे पिगमेंट सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨à¥à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ होती है। गॉलबà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° में गड़बड़ी की वजह से कई बार पितà¥à¤¤ बाइल डकà¥à¤Ÿ में जमा होने लगता है, इससे लोगों को जॉनà¥à¤¡à¤¿à¤¸ à¤à¥€ हो सकता है। अगर आंतों में जाने के बजाय बाइल पैनकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤œà¤¼ में चला जाठतो इससे कà¥à¤°à¥‰à¤¨à¤¿à¤• पैनकà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ नामक गंà¤à¥€à¤° समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। अगर सही समय पर उपचार (pit ki pathri ka ilaj) न कराया जाठतो इससे गॉलबà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° में कैंसर à¤à¥€ हो सकता है।
पितà¥à¤¤ में पथरी का बनना à¤à¤• à¤à¤¯à¤‚कर पीड़ादायक रोग है। पितà¥à¤¤ में कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² और पिगà¥à¤®à¥‡à¤‚ट नामक दो तरह की बनती है। लेकिन लगà¤à¤— 80 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ पथरी कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² से ही बनती है। पितà¥à¤¤ लिवर में बनता है और इसका संगà¥à¤°à¤¹ गॉल बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° में होता है। यह पितà¥à¤¤ फैट यà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ को पचाने में मदद करता है। लेकिन जब पितà¥à¤¤ में कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² और बिलरà¥à¤¬à¤¿à¤¨ की मातà¥à¤°à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो जाती है, तो पथरी का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ होता है।
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